एक दिन की सैलरी कैलकुलेटर
महीने की सैलरी को एक दिन के रेट में बदलें, और जितने दिन काम हुआ उसकी कमाई निकालें। अपने धंधे के हिसाब से 26 दिन या 30 दिन चुनें।
26 दिन वाला हिसाब क्या है
एक दिन की सैलरी = महीने की सैलरी ÷ काम के दिन। सारा कन्फ्यूज़न इसी बात का है कि भाग किससे दें। ज़्यादातर जगह 26 से भाग देते हैं — महीने के दिन में से 4 छुट्टी घटाकर। यानी ₹13,000 महीने वाले की एक दिन की सैलरी ₹500 बनती है। कुछ लोग 30 से भाग देते हैं, तब वही सैलरी ₹433 प्रति दिन बनती है।
कौन-सा तरीका चलेगा, यह पहले से तय होना चाहिए — हिसाब के वक़्त के ज़्यादातर झगड़े इसी से होते हैं कि मालिक 30 मान रहा है और मज़दूर 26। तरीका जो भी हो, कमाई = एक दिन का रेट × काम के दिन।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
26 से भाग क्यों, 30 से क्यों नहीं?+
26 वाले तरीके में हफ़्ते की 4 छुट्टियाँ पेड मानी जाती हैं — महीने की सैलरी 26 दिन के काम की है। 30 वाले तरीके में हर दिन गिना जाता है। भारत में ज़्यादातर 26 वाला तरीका ही चलता है।
बीच महीने में आए वर्कर की सैलरी कैसे निकालें?+
एक दिन के रेट को काम के दिनों से गुणा करें। ₹500/दिन वाला वर्कर 16 तारीख़ से आकर 13 दिन काम करे, तो उस महीने ₹6,500 बनते हैं।
हर महीने यह हिसाब करने का आसान तरीका?+
Laborbook ऐप में महीने वाले और दिहाड़ी वाले दोनों तरह के वर्कर रख सकते हैं — हाज़िरी के हिसाब से कमाई अपने आप निकलती है।
हाथ से हिसाब बंद करें
Laborbook में महीने वाले और दिहाड़ी वाले वर्कर साथ-साथ — सैलरी हाज़िरी से अपने आप बनती है।